अक्सर देखा जाता है हमारे हिन्दू भाई यह सवाल उठाते है कि ”सलाम” करनें पर मुस्लिम भाई सलाम का जवाब क्यूं नहीं देते या ”वअलसेकुम अस्सलाम” क्यूं नहीं बोलते….और यह धारणा बना लेते हैं कि मुस्लिम कट्टर होते हैं और व्यवहारिक नहीं होते…
सबसे पहले यह जाननें की कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यूं है…ज़्यादतर देखा जाता है मुलसमान भाईयों की यह धारणा होती है कि ''सलाम'' ''अस्सलामु अलयेकुम'' / ''वअलयेकुम अस्सलाम'' जैसे…
