आज तक इस्लाम छोड़ कर दुनिया मे जितने भी धर्म है उन के गुरुओं ने ये नही कहा के मेरे बाद कोई भी ईश्वर का दूत ,नबी, नही आयेगा। सिवा मोहम्मद साहब के ऐसा क्यों?
पहले गुरु और ईशदूत मैं विभेद कीजिये..गुरु एक ज्ञानी/भले/सत्कर्मी इंसान को बोला जाता है(साधारणतय) जो अपने शिष्यों को ज्ञान देता है सत्य मार्ग दिखता है, लेकिन ईशदूत वह गुरु होता…
इंडिया में जितने भी मुस्लिम है वो पहले ( हम सबके पूर्वज ) १०० २०० साल पहलेके थे वो सब हिन्दू ही थे क्या ये बात सच है
पहले तो यह ग़लत फेहमी दूर कर लीजिये कि भारत मैं इस्लाम 100-200 साल से है... भारत मैं इस्लाम की शरुआत600AD से है हो चुकी थी... अरब के सौदागर सिंधु…
हम हिन्दू मूर्तिपूजा करते है जो इस्लाम मे हराम है, मूर्तिपूजक के साथ इस दुनिया मे और मरने के बादइस्लाम के मुताबिक कैसा व्यवहार करना चाहिए और होगा ?
प्रश्न को थोड़ा और विस्तार दिया जाये तो बात कुछ इस तरह होगी कि आपने कहा ''हम हिन्दू मूर्ति पूजा करते है जो इस्लाम मैं हराम है''.. सर मूर्ति पूजा…
इस्लाम मे ” मुताअ” क्या है ?
मुताह मैरिज एक कांट्रेक्ट मैरिज है जो अरब में इस्लाम पूर्व प्रचलित थी इस विवाह में विवाह एक निश्चित अवधि बाद स्वयंमेव टूट जाएगा ऐसा अनुबंध किया जाता था, वास्तव…
क़ुरआन पाक में जगह जगह पर 7 आसमान और 7 ज़मीन का ज़िक्र किया गया है।इस सात आसमान और सात ज़मीन का क्या मतलब है?
अरबी भाषा में हर बुलंदी को ही ''समाउन'' यानि असमान कहा जाता है. कुरआन से मालूम होता है कि बादल से लेकर सितारे वगैरह जो हम देखते हैं और जो…
सिर्फ मुसलमान ही अल्लाह का नाम अल्लाह क्यों जानते हैं। क्यों अन्य पिछले (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पहले), नबियों ने अपनी उम्मत को कभी नहीं बताया।
व्युत्पत्ति(शब्द के इतिहास), के अनुसार, ''अल्लाह'', अरबी शब्द अल-इलाह, (''Al'' - The / ''Ilah'' - ''Deity/God' से मिलकर बना है।जिसका अर्थ है "ईश्वर", जो हिब्रू(Hebrew) भाषा मैं ईश्वर के लिए…
जब यह सारी दुनिया उस अल्लाह की बनाई हुई है तो सूअर/खिंजीर से इतनी नफ़रत क्यूँ करते हैं मुस्लिम ?…क्या उस बनाने वाले अल्लाह से हट कर कोई और है ??
इस्लामी जगत में कुछ चीज़े ऐसी हैं जिन के बारे में स्वंम मुसलमानों द्वारा इतना ज़्यादा नकारात्मक उल्लेख/प्रचार कर दिया गया है जिससे उऩके बारे में ख़ुद मुसलमानों की सोच…
वैज्ञानिक कहते है …धरती गोल है …..कुरान के अनुसार …….धरती चपटी है ……क्या ये सही है………
इस विषय पर भ्रम मैं पड़े लोग अक़्सर यह कहते है कि क़ुरान मैं पृथ्वी को चपटा बताया गया है... जबकि ऐसा नहीं है...दहाहा का समान्यतया अर्थ किसी चीज़ को…
अगर किसी इस्लामिक देश से हमारे देश की लडाई होती है तो इसलाम हमारे मुसलमानो को क्या हिदायत देगा,,,इस्लामिक भाईयो का साथ देने की या अपने देश का,,
ऐसे हालत में इस्लाम ने मुसलमानों पर जो फर्ज़ किया है वो है मज़लूम का साथ देना और ज़ालिम के खिलाफ लड़ना चाहे वो कोई भी हो, इस्लाम में लड़ने…
