अगर इस्लाम सच्चा है तो फिर मैं हिंदू क्यों ?
असल में हम मुसलमान समझते हैं कि हम सिर्फ कर्म की आज़माइश (परीक्षा) में हैं यानि हम को शुरू से हिदायत मिली हुई है हमारा काम सिर्फ कर्म है (ईमान…
असल में हम मुसलमान समझते हैं कि हम सिर्फ कर्म की आज़माइश (परीक्षा) में हैं यानि हम को शुरू से हिदायत मिली हुई है हमारा काम सिर्फ कर्म है (ईमान…
जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है. कुरआन में औरत और मर्द की गवाही बराबर है देखये सूरेह नूर आयत 8. वो मामला जिसके बारे में ये समझा जाता है…
यह सवाल काफी दिनों से कई लोगों की तरफ से पूछा गया है इस लिए ज़रूरत महसूस हुई कि इस पर तफसील (विस्तार) से लिखा जाए।इस मामले में हमारे यहाँ…
सही शब्द 'तक़िय्या' है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है 'डर' (Fear) । अरबी भाषा के व्याकरणानुसार 'अल' जोड़कर जब 'अल-तक़िय्या' कहा जाता है तो उसका मतलब होगा 'The Fear'. Noun…
जी नहीं आप की जानकारी सही नहीं है.नास्तिकता पाप तो हो सकती है लेकिन अपराध नहीं है, धर्म के मामले में अल्लाह ने इंसान को पूरी छूट दी हुई है.…
सबसे पहले तो यह बुनयादी बात जान लीजये कि जन्नत दूसरी दुनियां का नाम है, जो यहाँ की दुनियां से बहुत ज़्यादा अलग होगी वहां का जीवन वहां का रहन…
कुरान मैं ज़िक्र क़ुर्बानी का वाक़िअ, तौरात (Old Testament/Hebrew Bible) मैं ज़िक्र वाक़िए से बिल्कुल भिन्न है , तौरात के अनुसार क़ुर्बानी का वाक़िअ हज़रात इस्हाक़ as के साथ पेश…
क़ुरान मैं यह कहीं नहीं लिखा कि औरतों को बुर्के या हिजाब मैं ही रहना है या किसी को अपना चेहरा किसी हाल मैं नहीं दिखाना है और ना ही…
अल्लाह ने ये दुनियां इन्तिहान के उसूल पर बनाई है, और इम्तिहान के उसूल पर ही वो इसे चला रहा है.वही खुदा है जिसने ज़िन्दगी और मौत का ये निज़ाम…
यह एक विरोधाभासी विषय है जिसपर उलमा में इक़्तिलाफ(different of Opinion) है…कुछ की नज़र में जायज़(permissible) व कुछ की नज़र में ना-जायज़(prohibited)……अक्सर इस्लाम में परिवार नियोजन के विरोध में यह…