अल्लाह ने आकाश को धरती पर गिरने से रोक रखा है।(क़ुरान : सुरह 22, आयत 65)
'''और उसने आकाश को धरती पर गिरने से रोक रखा है।(65) सूरह हज''''यह केवल एक कलात्मक अलंकारिक विवरण है? जो लोग कुरआन के वर्णन मैं गलती तलाश करते हैं वे…
'''और उसने आकाश को धरती पर गिरने से रोक रखा है।(65) सूरह हज''''यह केवल एक कलात्मक अलंकारिक विवरण है? जो लोग कुरआन के वर्णन मैं गलती तलाश करते हैं वे…
प्रश्न से ऐसा प्रतीत होता है जैसे ईश्वर और स्पेस का बहुत कम आंकलन(Judge),किया गया है,(Underestimate किया गया है), जहाँ तक स्पेस(यूनिवर्स) की बात है यह अनंत है जिसका मानव…
''' यहाँ तक कि जब वह सूर्यास्त-स्थल तक पहुँचा तो उसे मटमैले काले पानी के एक स्रोत में डूबते हुए पाया और उसके निकट उसे एक क़ौम मिली। हमने कहा,…
सबसे पहले यह जाननें की कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यूं है…ज़्यादतर देखा जाता है मुलसमान भाईयों की यह धारणा होती है कि ''सलाम'' ''अस्सलामु अलयेकुम'' / ''वअलयेकुम अस्सलाम'' जैसे…
इस्लाम के संसार में तेज़ी से फैलनें के संबंध में हमारे बीच एक बड़ी ग़लतफहमी है…ख़ुद मुसलमान इसका प्रचार-प्रसार बड़ चड़ कर करते हैं साथ ही साथ ग़ैर मुस्लिम भी…
ऐसे प्रश्न विषय की सहीह जानकारी ना होने की वजह से ही अपने वजूद मैं आते है …जिसको लेकर स्वयं मुसलमान असमंज्य्स मैं पड़ जाते है जबकि कुरान के ताल्लुक…
सुन्नी और शिआ समुदायों की ‘मूल-उक्ति’ (कलिमा)–‘ला इलाह इल्ल्-अल्लाह मुहम्मद्-उर-रसूल-अल्लाह’ एक ही है। दोनों, जहां अवसर होता है एक साथ, एक इमाम के पीछे पंक्तिबद्ध होकर, नमाज़ पढ़ते हैं। एक…
पहले यह देखें क़ुरआन क्या कहता है…""ऐ लोगों अपने पालने वाले से डरो जिसने तुम सबको (सिर्फ) एक शख्स से पैदा किया और (वह इस तरह कि पहले) उनकी बाकी…
यह एक आम धारणा है जो संसार के समस्त मुसलमानों के बीच आम है यानि एक ऐसा शख़्स जो मदरसे में पढ़ाई पूरी कर आलिम की सनद/डिग्री लेता है..सामान्यतः ''आलिम''…
….इसका सीधा सा उत्तर यह है कि हमारा नजरिया।।।हम क्या देखना चाहते हैं और क्या समझना चाहते हैं और हमें क्यादिखाया जा रहा है…क्या जो हमें दिखाया जा रहा है…